वात प्रकृति के पुरुष के लक्षण

          
            Ayurveda the saga of preventive medicine'

 वात प्रकृति के पुरुष के लक्षण
         अल्पकेश: कृशो रूक्षो वाचालश्च लमानस :॥
        आकाशचारी स्वप्नेषु वातप्रकृतिकों नर :॥  (शा ० पू ०
)
वातप्रकृति पुरूष अल्पकेशयुक्त ,कृश तथा रुक्ष शरीर वाला ,वाचाल ,चपल तथा स्वप्न में आकाश में विचरने वाला होता है ।
पित्तप्रकृति के पुरुष  लक्षण
        अकाले पलितैवर्याप्तो  धीमान स्वेदी  च रोषण :।
       स्वप्नेषु ज्योतिषां द्रष्टा पित्तप्रकृति नर :॥ (शा ० पू ०
)

पित्त प्रकृति पुरूष के केश असमय में ही श्वेत हो जाते है वह बुद्धिमान होता है ,स्वेद तथा क्रोध बहुत आता है ,स्वप्न में अग्नियाँ देखता है ।

Comments

Popular posts from this blog

हिताहितं सुखं दु:खमायुस्तस्य हिताहितम् | मानं च तच्च् यत्रोत्तमाययुर्वेद : स उच्चते||

विकारो धातुवैषम्यं , साम्य प्रकृतिरुच्यते | सुखसंज्ञकमारोग्यं विकारो दुःखमेव च ||

कफ के गुण ,वात के गुण,पित्त के गुण